कितना अच्छा लगता है जब कोई हमसे कहता है- आई लव यू। मन प्रफुल्लित हो जाता है। रोम-रोम पुलिकत हो जाता है। शहर का रामघाट रोड, जीटी रोड, सेंटर प्वाइंट, ऊपर कोट, सिविल लाइंस, क्वार्सी, सुरेंद्र नगर, मान सरोसवर, कठपुला, घंटाघर, सासनी गेट, जयगंज, आगरा रोड, एएमयू कैम्पस... समेत हर कोना हमें प्यार करता है। फिर हम अपने शहर को प्यार क्यों नहीं करते हैं। आप कहेंगे कि शहर को कैसे प्यार कर सकते है, तो हम बताते हैं कि कैसे प्यार करना है। यातायात नियमों का पालन करें, इधर-उधर गंदगी न फैलाएं, कहीं भी न थूकें, प्रसाधन सुविधाओं का उपयोग करें, घर का कूड़ा नाले-नाली में न डालें और सफाई की ओर स्वयं ध्यान दें। इस तरह हम अपने शहर से प्यार का प्रकटीकरण कर सकते हैं। इसके साथ ही हम नारा लगाएं- आई लव अलीगढ़। यह अभियान एक आंदोलन का रूप लेगा। हम सब इसमें प्रतिभाग करेंगे। जन-जन कहेगा-
आई लव अलीगढ़।
तो देर किस बात की है। आइए, स्वयं से शुरू करते हैं आई लव अलीगढ़ का सार्थक अभियान।
सादर
असीम अरुण
एसएसपी, अलीगढ़।
3 comments:
आई लव अलीगढः एक अच्छा अभियान हो सकता है। जरूरत है इसे गंभीरता से लेने की। बड़ा ताज्जुब होता है जब यहां के मूल वाशिंदे स्वयं पहल नहीं करते हैं। जो अधिकारी बाहर से आए हैं औऱ साल-छह माह (इस सरकार मे इससे अधिक कार्यकाल किसी अधिकारी का नहीं होता है) में कहीं और चले जाएंगे। आई लव अलीगढ़ अभियान से यहां के वाशिंदे कुछ सीखेंगे और सहयोग करेंगे।
भानु प्रताप सिंह, आगरा
कप्तान साहब
और बताइये, आपका अभियान कैसा चल रहा है। क्या किसी ने बोला आई लव यू। अभियान को गति दीजिए ताकि अपने शहर का भला हो सके। नहीं तो कोई फायदा नहीं होगा।
आभार समेत
भानु प्रताप सिंह
Apna Aligarh.............
Wah Wah ALIGARH
Woh Centre Point ka sama, Woh Ganpat ki Chat !
Woh numaish ki ice cream, Wah usme thi ckuch Baat!!
Woh Kunjilal Ki mithai, woh Quality ka dosa !
Woh mehak ki pac bhaji, aur sindh ka Samosa
Woh rickshaw ka safar, Woh Nakvi park ki Hawa !
Woh Gandhi Park ki raunak aur AMU ka sama !
Woh January ki kadakey ki sardi, woh barishon key mahiney !
Wo garmi ki chuttiyan, jab chutey they pasiney !!
Woh Holi ki masti, woh doston ki toli.
Woh curfew ka mahol, woh Ganga ki lehren!
Woh upper coar ki galiyan, woh abdullah ki ladkiyan !
Woh krishan ki balcony aur Chick-Fish ka Non Veg !
Woh School ki Life aur woh college ki jindagi!
Woh Polytechnic ka rasta aur woh Canteen ki patties !
Woh Railway Road ka Market, Woh highway key Dhabey !
Woh Sasni Gate Chauraha ! Woh Railway Station ..............
Itna sab keh diya par dil kehta hai ki aur bhi kuch kahoon
Woh shahar hai mera apna, jiska naam hai
"HAMARA ALIGARH" aur kisey hamne banana hai
"SAFER ALIGARH "
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